सतना जिले के रामवन मंदिर परिसर से जुड़ा एक कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। वीडियो में मंदिर प्रांगण में स्थापित मूर्ति के पीछे एक युवक और युवती की अशोभनीय हरकतें दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आते ही धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
मामले की जानकारी मिलते ही मंदिर के पुजारी अंश शर्मा ने रामवन चौकी पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुजारी का कहना है कि यह घटना केवल अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं पर सीधा प्रहार है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 137/2026 दर्ज करते हुए बीएनएस की धारा 298 के तहत अज्ञात युवक-युवती के खिलाफ मामला कायम कर लिया है।
तीन अहम सवालों पर टिकी जांच
पुलिस अब जांच के दौरान तीन बिंदुओं पर फोकस कर रही है—
1. वीडियो वास्तविक है या एडिटेड,
2. वीडियो कब का है,
3. वीडियो किसने बनाया और किसने सोशल मीडिया पर वायरल किया।
इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, वहीं वीडियो को शेयर करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स की तकनीकी जांच भी जारी है।
हिंदू संगठनों में उबाल
वीडियो के वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों में नाराजगी तेज हो गई है। बजरंग दल सहित अन्य संगठनों ने दोषियों की जल्द पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की गरिमा से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए लोगों से शांति बनाए रखने और भ्रामक या अपुष्ट जानकारी साझा न करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और तथ्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई तय है। फिलहाल, पूरा इलाका तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। अब बड़ा सवाल यही है—क्या धार्मिक स्थलों की मर्यादा अब कैमरों और वायरल वीडियो के भरोसे रह गई है, या जांच के बाद कोई और सच सामने आएगा?






