रीवा कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में मंगलवार को एक भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई। गोदहा गांव निवासी एक लाचार पिता अपनी विकलांग बेटी को गोद में उठाकर प्रधानमंत्री आवास की मांग लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचा।
पीड़ित पिता ने आरोप लगाया कि आवास योजना की सूची में नाम जोड़ने के बदले रोजगार सहायिका द्वारा 2 हजार रुपए की मांग की जा रही है। फरियाद सुनते ही कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए और पात्रता अनुसार सूची में नाम जोड़ने की बात कही।
इतना ही नहीं, कलेक्टर ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए विकलांग बेटी और उसके पिता को शासकीय वाहन से उनके घर भिजवाने की व्यवस्था भी कराई। जनसुनवाई में सामने आई यह तस्वीर अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।






