रीवा के शासकीय गांधी स्मारक अस्पताल में जच्चा और बच्चा की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। न्याय की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे पीड़ित परिवार से मिलने शुक्रवार को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने मृतिका के पिता और परिजनों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली।
करीब आधे घंटे तक चली बातचीत के बाद भी पीड़ित परिवार संतुष्ट नजर नहीं आया। मृतिका कल्पना मिश्रा के पिता रामशिरोमणि मिश्रा ने आरोप लगाया कि उन्हें शासन-प्रशासन की ओर से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला है।
26 अगस्त को हुई थी जच्चा-बच्चा की मौत
दरअसल, 26 अगस्त को रीवा के शासकीय गांधी स्मारक अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा और बच्चा की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप लगाए। परिजनों की मांग है कि मामले में जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और अस्पताल के डीन की जिम्मेदारी भी तय की जाए।
इसी मांग को लेकर पीड़ित परिवार ने सिरमौर चौराहे पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया था।
डिप्टी CM से मुलाकात के बाद भी नहीं माने पीड़ित
शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल धरना स्थल पहुंचे और पीड़ित परिवार से बातचीत की। परिवार ने अपनी मांगें उनके सामने रखीं। हालांकि मुलाकात के बाद मृतिका के पिता रामशिरोमणि मिश्रा ने कहा कि उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शनिवार तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।
मीडिया से बिना बातचीत किए लौटे डिप्टी CM
वहीं, पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल मीडिया से बातचीत किए बिना ही वहां से रवाना हो गए। अब इस मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।






