खनिज विभाग भले ही रेत माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए कितनी ही सख्त कार्रवाई क्यों न कर ले लेकिन खनिज माफिया के हौसले इस कदर बुलंद है कि विभाग द्वारा की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई के बावजूद रेत माफिया नाव के माध्यम से टमस नदी का सीना छलनी करने से बाज नहीं आ रहे, रेत के अवैध उत्खनन का ऐसा ही एक मामला तराई अंचल की जीवन दायिनी कहे जाने वाली टमस नदी के सितलहा घाट से प्रकाश में आया है जहां रेत माफिया के गुर्गे कई नावों में सवार होकर नदी के बीचो-बीच लंबे-लंबे बांसों के एक सिरे में चद्दर की बनाई गई एक पेटी को नदी की गहराई में डालकर अवैध रेत का उत्खनन कर रहे हैं बताया गया है कि एक नाव दिन भर में तीन ट्राली से भी अधिक रेत लेकर नदी के किनारो में डंप कर रही है।
ऐसे में यह माना जा सकता है कि प्रत्येक दिन दर्जनों की संख्या में रेत निकालने वाली नाव लगभग 1200 घन मीटर रेत का उत्खनन कर रही है नदी के किनारो में डंप हुई रेत को खनिज माफिया ट्रैक्टर के माध्यम से बाजारों में बेंच कर शासन के राजस्व को प्रतिदिन लगभग 25 से 30000 रुपए प्रतिदिन का नुकसान पहुंचा रहे हैं, वही इस पूरे मामले को लेकर जिला खनिज अधिकारी दीपमाला तिवारी ने बताया कि अवैध उत्खनन परिवहन सहित अवैध भंडारण को लेकर खनिज विभाग की निगरानी टीम लगातार सतर्कता सतर्कता के साथ सख्त कार्यवाही कर रही है इस क्रम में इस सप्ताह खनिज विभाग के दल ने अवैध भंडारण के तहत नगरीय सीमा में स्थित शारदा ठीहा, साहू ट्रेडर्स, शिव शक्ति ट्रेडर्स, गायत्री ट्रेडर्स सहित सपना ट्रेडर्स में अवैध भंडारण के तहत कार्रवाई करते हुए 173000 से भी अधिक रुपए की पेनल्टी वसूल की है नदी में नाव के माध्यम से रेत निकाले जाने की जानकारी मिलने के बाद निगरानी टीम को सूचना दे दी गई है, शीघ्र ही रेत माफियाओं के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।






