रीवा के शासकीय अस्पतालों में सप्लाई हो रही अमानक दवाओं को लेकर आंदोलन रत चिकित्सकों का तीव्र विरोध शुरू हो चुका है। मरीजों का इलाज सरकारी अस्पतालों में जिन दवाओं से हो रहा था, उनमें से कुछ दवाओं को अस्पताल के ही चिकित्सक अमानक बता रहे हैं।
बताया गया कि पूर्व में भी चिकित्सक विरोध कर चुके हैं लेकिन सरकारी सिस्टम के चलते यह सिस्टम नही बदल सका, रीवा के श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में अपनी मांगों को लेकर लामबंद हुए वरिष्ठ चिकित्सकों का कहना है कि अस्पताल में जिन दवाओं की सप्लाई हो रही है। उनमें अधिकांश दवा अमानक है ऐसे में मरीज का इलाज कैसे हो सकता है। चिकित्सकों ने यहां तक कहा कि पूर्व में भी इस संबंध में प्रशासन और शासन से बात की गई लेकिन कोई भी परिवर्तन नही किया गया जिस कारण मरीज का इलाज जिस दवा से हो ही नही सकता उस दवा से मरीजों का इलाज हो रहा है। वरिष्ठ चिकित्सकों ने यह भी आरोप लगाया है कि अमानक दवा की सप्लाई संजय गांधी अस्पताल जिला चिकित्सालय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल सहित सभी सरकारी अस्पतालों में हो रही है। उनका कहना है कि चिकित्सक मरीज का इलाज करते हैं और अच्छा परिणाम भी देना चाहते हैं, लेकिन इलाज के लिए जो आधार है वह दवा ही अमानक है तो मरीज का इलाज फिर कैसे हो सकता है। चिकित्सकों ने आज शमशाह मेडिकल कॉलेज के सामने होली से पहले अमानक दवाओं के विरोध स्वरूप होली का दहन किया और वरिष्ठ चिकित्सकों के द्वारा यह मांग की गई है कि गुणवत्ता पूर्ण दवा की सप्लाई हो जिससे आने वाले मरीजों का सफल इलाज किया जा सके।






