दमोह जिले में मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध में लिप्त एक दंपति को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक श्री विवेक सिंह के निर्देशन में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनकर व नगर पुलिस अधीक्षक शिवाली चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। थाना प्रभारी जेपी. पटेल ने बताया कि इस मामले में काफी समय से पुलिस कार्रवाई कर रही थी और आखिरकार इस दंपति को दमोह जिले के बटियागढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना की शुरुआत
घटना की शुरुआत 25 नवंबर 2023 को हुई थी जब कोतवाली क्षेत्र के निवासी एक व्यक्ति ने अपनी 15 वर्षीय बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि उनकी बेटी कक्षा नवमी में पढ़ती थी और घर से पड़ोस में जाने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। और उसके पास मौजूद मोबाइल भी बंद हो गया था। इस पर पुलिस ने धारा 363 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।
जांच और साइबर सेल की मदद
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया और साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की। कई संदिग्धों से पूछताछ की गई लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। 25 अगस्त 2024 को रविंद्र कोरी नाम के एक व्यक्ति को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। रविंद्र कोरी ने खुलासा किया कि उसने 15 वर्षीय लड़की को बहला-फुसलाकर सूरत ले गया था, जहां वह एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था।
मुख्य आरोपियों का खुलासा
रविंद्र कोरी ने बताया कि सूरत में उसकी मुलाकात कल्लू सिंह और उसकी पत्नी मीरा देवी से हुई थी। दोनों ने मिलकर एक योजना बनाई और लड़की को राजस्थान के जालौर जिले में रहने वाले उत्तम सिंह नाम के व्यक्ति को 3 लाख रुपए में बेच दिया। इस दौरान, रविंद्र कोरी ने लड़की का सगा भाई होने का नाटक किया, जबकि कल्लू सिंह और मीरा देवी ने लड़की के माता-पिता का झूठा परिचय दिया। उत्तम सिंह ने इस लड़की से शादी की और फिर उसे अपनी पत्नी के रूप में रखकर दुष्कर्म करता रहा।
पुलिस की कार्रवाई और बचाव
रविंद्र कोरी की निशानदेही पर पुलिस ने किशोरी को राजस्थान के जालौर जिले से सकुशल बरामद कर लिया, हालांकि उत्तम सिंह और उसके साथी वहां से फरार हो गए। रविंद्र कोरी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने इस बीच कल्लू सिंह और उसकी पत्नी मीरा देवी को भी गिरफ्तार करने के लिए 10 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की थी।
दमोह से गिरफ्तारी
साइबर सेल की मदद से पुलिस ने कल्लू सिंह और मीरा देवी को दमोह जिले के बटियागढ़ से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद दोनों ने अपने जुर्म को स्वीकार किया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 363, 366, 366(a), 376, 370 आईपीसी और 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
मामले में अन्य दो आरोपी, उत्तम सिंह और गणपत सिंह, अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। पुलिस ने उन्हें जल्द ही पकड़ने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।
टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
इस पूरे मामले की जांच और गिरफ्तारी में निरीक्षक जयप्रकाश पटेल के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक महेंद्र त्रिपाठी, उपनिरीक्षक सुशीला, प्रधान आरक्षक आर.डी. पटेल, प्रधान आरक्षक राजेश सिंह, आरक्षक जितेंद्र सेन और महिला आरक्षक सायना बानो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन सभी के प्रयासों से यह सफल कार्रवाई हो सकी और एक गंभीर अपराध को उजागर किया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित हो गया है कि वे समाज में मानव तस्करी जैसे घृणित अपराधों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है।






