रीवा केंद्रीय जेल में 80 साल की वृद्ध बहन और बंदी भाई के प्यार को देख पुलिस अधिकारियों की आंखों से छलके आंसू

रीवा के केंद्रीय जेल में रक्षा बंधन का त्योहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। भाई बहन के अटूट प्रेम के बंधन के रूप में मनाया जाने वाला रक्षाबंधन का त्योहार आज रीवा के केंद्रीय जेल में बड़े ही हर्सोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। जेल में भाई बहनों के लिए जेल के दरवाजे सुबह से ही खोल दिए गए हैं। भाई को राखी बांधने वृद्ध महिलाओं से लेकर बच्चियां तक जेल पहुंची है।

महिलाओं के साथ 5 साल के बच्चों का प्रवेश

जेल में महिलाओं के साथ 5 साल  के छोटे बच्चों का जाना एलाऊ था। आपको बता दे कि रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए जेल प्रशासन द्वारा सभी बंदी भाई एवं उनकी बहनों  के लिए इस भीषण गर्मी व बारिश के मौसम को देखते हुए। छांव व पीने के लिए पानी की व्यवस्था रक्षासूत्र बांधने के लिए थाली और टीके की व्यवस्था की गई थी।

मीडिया के माध्यम से पहले ही कि जा चुकी हैं अपील

जेल विभाग के द्वारा पहले ही मीडिया के माध्यम से सभी बंदी भाइयों की बहनों से अपील की गई थी की फल और 100 ग्राम तक मीठा और अच्छा सूत्र ही अपने साथ अंदर ले जा सकते हैं। बाकी किसी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल पर्स झोले ये सब अंदर वर्जित हैं।

सुबह 7 बजे से शुरू हुआ था रजिस्ट्रेशन

रक्षाबंधन के त्योहार में जेल प्रशासन के द्वारा कड़े सुरक्षित व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे। सुबह 8:00 बजे से जेल में रक्षाबंधन के त्योहार की शुरुआत हुई। जहां दोपहर 12 बजे तक लगभग 2500 से 3000  भाई बहन इस  त्योहार में शामिल हो चूके थे। और शाम तक यह आंकड़ा 6000 तक पहुंचने की उम्मीद है।

80 साल की वृद्ध बहन और बंदी भाई के प्यार को देख पुलिस अधिकारियों की आंखों से छलके आंसू

बताया गया की 80 साल की वृद्ध महिला से लेकर 5 साल तक के छोटे बच्चे रक्षाबंधन के दिन जेल में अपने बंदी भाई से मिलने पहुंचे। जेल के अंदर 80 वर्षीय वृद्ध महिला अपने बंदी भाई को राखी बांधने पहुंची थी। बंदी भाई और 80 वर्षीय वृद्ध महिला के अटूट प्यार को देख जेल विभाग के अधिकारियों के आंखों में भी आंसू छलक पड़े।

सुबह से लगी रही कतार

सुबह से ही जेल परिसर के बाहर का दरवाजा खुलने का बहने इन्तजार करती रही। इधर जेल प्रशासन के द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। जेल के अंदर ही पानी की व्यवस्था, छाव की व्यवस्था के साथ जेल प्रशासन मुस्तैद दिखाई दिया।

जेल अधीक्षक सतीश उपाध्याय ने बताया 

रीवा केंद्रीय जेल के जेल अधीक्षक सतीश उपाध्याय ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि रक्षाबंधन का त्यौहार भाई-बहन के प्रेम का पवित्र त्योहार माना जाता है। इसे देखते हुए जेल प्रशासन के द्वारा सुबह 7:00 बजे से ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। और 8:00 से बहनों को अंदर प्रवेश मिलने लगा इसके बाद सभी बहनों ने बारी बारी से अपने भाइयों से मिलकर उन्हें राखी बांधी और उन्हें मिठाई खिलाई है। जेल विभाग के द्वारा जेल के अंदर  आने वाली सामग्री में 100 ग्राम तक मिठाई रक्षा सूत्र और फल व परिचय पत्र के अलावा किसी प्रकार की चीजों के लिए एलाऊ नहीं किया गया था। राखी बांधने के लिए थाली और टिके कि व्यवस्था जेल प्रशासन के द्वारा अंदर ही की गई थी। वहीं बंदियों के बहनों के लिए पानी की व्यवस्था छाव की व्यवस्था भी की गई थी। रक्षाबंधन का पवित्र पर्व सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हुआ। दोपहर 12:00 बजे तक जेल के अंदर लगभग 1000 बहाने दाखिल हुई है। और लगभग 2000 से 2500 लोगों को राखी बांधी गई है। शाम तक लगभग 5 से 6000 का आंकड़ा पहुंचने की उम्मीद जताई गई ।

 

नम आंखे और हांथ में राखी लिए केंद्रीय जेल रीवा पहुंची बहनों ने भाइयों को बांधी राखी 80 वर्षीय वृद्ध महिला भी अपने बंदी भाई को राखी बांधने पहुंची भाई बहन के इस अटूट प्रेम को देख जेल प्रशासन के आंखो से छलके आंसू

 

 

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