रीवा जिले को नशा मुक्त जिला बनाने के लिए रीवा पुलिस ने अभियान शुरू कर दिया है.इसको लेकर जिले के एसपी विवेक सिंह ने सभी थाना प्रभारियों के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया है। जिसमें कई पुलिस पदाधिकारी और बल को शामिल किया गया है। इस टीम का मुख्य कार्य अभियान चलाकर कोरेक्स, गांजा वा शराब माफियाओं पर शिकंजा कसना है। इसके अलावा सभी थाना प्रभारियों को अलग अलग कई प्रकार के दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
जिले को नशा मुक्त बनाने टीम का गठन
रीवा पुलिस दो महीने से लगातार एनडीपीएस एक्ट के दागियों की सूची तैयार कर रही है जानकारी देते हुए एसपी विवेक सिंह ने बताया कि जिले को नशा मुक्त बनाने को लेकर टीम का गठन कर लिया गया है। एनडीपीएस एक्ट से संबंधित सभी प्रकार के मामले में काफी कड़ाई से अभियान चलाने और नशा के कारोबार को बंद कराने का आदेश दिया गया है। एसपी ने बताया कि हर थाना प्रभारी को एनडीपीएस एक्ट से संबंधित केस की समीक्षा कर उस पर आगे की कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है इसके अलावा शराब की बिक्री और कारोबार करने वालों के बारे में पता लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
पड़ोसी राज्यों की पुलिस से ली जाएगी मदद
एसपी विवेक सिंह ने बताया कि छापेमारी के दौरान कोई परेशानी न हो इसको लेकर पड़ाेसी जिले व राज्य की पुलिस से मदद ली जाएगी। आपसी समन्वय को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने सीमावर्ती जिले और राज्यों की पुलिस के साथ चर्चा कर ली है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश रीवा जिले से सटा है। इस वजह से यहां काफी आसानी से नशे का कारोबार होता है।
सूचना तंत्र होगा मजबूत
रीवा एसपी विवेक सिंह ने बताया कि पुलिस के सूचना तंत्र को मजबूत कर नशे का सामान कहां से आ रहा है। और इसका कारोबार शहर में कैसे हो रहा है। इसकी पूरी जानकारी लेने का टास्क दिया गया है। इसको लेकर रीवा जिले के सभी थानों के थानेदारों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।






