मध्य प्रदेश का रीवा नगर निगम बना भ्रष्टाचार का गढ़। एक के बाद एक हो रहे फर्जी नियुक्तियों के खुलासे

मध्य प्रदेश के रीवा नगर पालिक निगम में लंबे समय से चल रहे भ्रष्टाचार के खेल से अब पर्दा उठना शुरू हो गया है। अधिकारियो की मिली भगत से नियमो को दर किनार कर यहां आर्थिक लाभ की लालच में मनमानी तौर पर नियुक्तियां व पदोन्नति का खेल खेला गया।

मजदूर संघ अध्यक्ष ने की शिकायत

नगर निगम में चल रहे इस खेल को उजागर करते हुए मजदूर संघ के अध्यक्ष बुद्धसेन करोसिया ने बताया कि दीपक और विनोद की फर्जी नियुक्ति दरोगा के रूप में की गई है इनके अलावा अन्य दरोगा को फर्जी और कूट रचित दस्तावेज के अधार पर पदोन्नति का लाभ दिया गया है।

स्वास्थ्य अधिकारी ने दी सफाई

इन आरोपों पर स्वास्थ्य अधिकारी बालगोविंद चतुर्वेदी ने कहा कि उनके संज्ञान में अभी तक ऐसा मामला नही आया है। लेकिन जैसे ही आएगा उस पर जांच करा कर कार्यवाही की जाएगी।

शिकायतकर्ता ने कहा

शिकायत कर्ता ने बताया कि नगर निगम आयुक्त, संभागायुक्त सहित अन्य जगहों पर शिकायत की है। हम आपको बता दे कि अभी हाल ही में पुलिस ने एक नाबालिग युवक को एक अपराध में गिरफ्तार किया था। जो करीब तीन साल से नगर निगम में सफाई कर्मी के तौर पर कार्यरत था। और नगर निगम को इस बात की भनक ही नही थी कि वो नाबालिग है। पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद जब उसके नाबालिग होने का खुलासा हुआ तो नगर निगम अब पूरे मामले की जांच कर रहा है।

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