रीवा जिले में झोलाछाप डॉक्टर से इलाज करा रहे 10 साल के बच्चे की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक झोलाछाप डॉक्टर ने उसे एक के बाद एक सात बोतल चढ़ा दिए जिसके बाद उसकी हालत और बिगड़ गई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे प्रयागराज ले जा रहे थे जहां रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
झोलाछाप डॉक्टर के इलाज ने ली जान?
पीड़ित ने मामले की शिकायत सोहागी थाने में की है मिली जानकारी के अनुसार सुहागी थाने क्षेत्र के ग्राम चौरा निवासी मोहम्मद साजिद अहमद पिता मकबूल अहमद को उल्टी दस्त की शिकायत होने पर इलाज के लिए गांव के ही एक झोलाछाप डॉक्टर के यहां परिजनो द्वारा ले जाया गया था। मृतक के पिता मोहम्मद मकबूल अहमद ने बताया कि झोला छाप डॉक्टर ने पहले ढाई सौ रुपए और फिर बारह सौ रुपए लेकर बच्चे का इलाज किया और एक के बाद एक कई बॉटल चढ़ाए लेकिन बच्चे की हालत में कोई सुधार नही हुआ। तब सोमवार को उसे रायपुर सुनौरी उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां मौके पर कोई डॉक्टर मौजूद नही होने पर
मजबूरन दोबारा हम बच्चे को दूसरे झोला छाप डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे जिसके बाद उसने बच्चे को अपने यहां भर्ती कर लिया जो रात 9 बजे से लेकर रात 3 बजे तक लगातार इलाज करता रहा। इस दौरान देर रात 3 बजे बच्चे की हालत काफी बिगड़ गई बच्चे के नाक से खून और मुंह से झाग निकलने लगा जिसके बाद हम उसे प्रयागराज ले जाने लगे। लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। वहीं दोनों झोलाछाप डॉक्टर फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस कर रही जांच
थाना प्रभारी जानकी प्रसाद ठाकुर ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य निकलकर सामने आएंगे उस आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
रीवा में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार
आपको बता दें कि रीवा में झोलाछाप डॉक्टरों कि भरमार है। और आए दिन बच्चे बुजुर्गों महिलाओं के मौत के मामले सामने आते रहते हैं बावजूद इसके प्रशासन इन झोलाछाप डॉक्टरों पर कोई भी एक्शन लेने के लिए तैयार नहीं है।






