रीवा में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शहर के शांति विहार कॉलोनी के सामने संचालित फूड अड्डा रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा विभाग की औचक जांच के दौरान ऐसी गंभीर लापरवाहियां उजागर हुईं, जिन्हें देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में सामने आया कि रेस्टोरेंट के किचन के बर्तन टॉयलेट के अंदर ले जाकर धोए जा रहे थे। इतना ही नहीं, टॉयलेट के पास लगे वॉशबेसिन से जग भरकर ग्राहकों को पीने के लिए पानी दिया जा रहा था। यानी जिस जगह के आसपास स्वच्छता पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत थी, वहीं से ग्राहकों को पानी परोसा जा रहा था।
जांच के दौरान डीप फ्रीजर में लंबे समय से रखा पुराना और बासी खाद्य पदार्थ भी मिला, जिसे अधिकारियों ने मौके पर ही नष्ट करवाया। पिज्जा ग्रिलर और खाना पकाने वाली कड़ाहियों में गंदगी जमी हुई थी। वहीं, कटी हुई सब्जियां बिना ढके रखी गई थीं, जिन पर मक्खियां मंडरा रही थीं और सड़क की धूल जम रही थी। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने रेस्टोरेंट का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं होता, तब तक रेस्टोरेंट का संचालन लाइसेंस के तहत नहीं किया जा सकेगा।
इस कार्रवाई के बाद इलाके के अन्य होटल और रेस्टोरेंट संचालकों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
वहीं, इस मामले में एक और गंभीर सवाल खड़ा हो रहा है। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर यह चौपाटी संचालित हो रही है, वह दुकानों के सामने निर्धारित पार्किंग स्थल है। ऐसे में सवाल है कि पार्किंग की जगह पर चौपाटी का संचालन कैसे हो रहा था? क्या नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी? यदि जानकारी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
अब देखना होगा कि खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद नगर निगम भी पार्किंग स्थल पर संचालित हो रही चौपाटी को लेकर कोई कदम उठाता है या नहीं।






