इलाज की देखरेख करने वाली डॉक्टर पर गिरी गाज, जांच के बाद आगे भी हो सकती है कार्रवाई
रीवा। कल्पना मिश्रा जच्चा-बच्चा कांड मामले में पिछले करीब दो महीनों से जारी कार्रवाई का सिलसिला अब भी जारी है। मामले में अब एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। डॉ. गुंजन गोस्वामी को आगामी आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। डॉ. गोस्वामी वही चिकित्सक हैं, जिनकी देखरेख में कल्पना मिश्रा का इलाज चल रहा था और उन्हीं की निगरानी में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इससे पहले मामले में नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों पर भी कार्रवाई की जा चुकी है। निधि पांडेय को निलंबित किया गया था, जबकि सोनल अग्रवाल की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। वहीं, अस्पताल अधीक्षक राहुल मिश्रा को पद से हटा दिया गया, जबकि डीन डॉ. सुनील अग्रवाल का दूसरे जिले में स्थानांतरण किया गया था।
जांच जारी, सामने आ सकते हैं और नाम
मामले की जांच अभी जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और जिम्मेदारियों के आधार पर आगे भी अन्य लोगों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। डॉ. गुंजन गोस्वामी के निलंबन को इसी कार्रवाई की अगली कड़ी माना जा रहा है।
डॉक्टरों पर FIR की मांग को लेकर हुआ था आंदोलन
कल्पना मिश्रा के परिजनों ने मामले में जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ FIR और कार्रवाई की मांग को लेकर रीवा में कई दिनों तक धरना दिया था। मामले ने उस समय राजनीतिक रूप भी ले लिया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी समेत कई कांग्रेस नेताओं ने रीवा पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की थी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी।

विरोध प्रदर्शन के दौरान मामला और गरमा गया था। कल्पना मिश्रा के समर्थकों और NSUI कार्यकर्ताओं ने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के आवास का घेराव किया था। इस दौरान उनके आवास पर कालिख पोते जाने की घटना भी सामने आई थी।
कार्रवाई के बाद फिर सुर्खियों में मामला
डॉ. गुंजन गोस्वामी के निलंबन के बाद एक बार फिर कल्पना मिश्रा जच्चा-बच्चा कांड चर्चा में आ गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई हो सकती है।






