रीवा सहित पूरे देश में आज आस्था, परंपरा और संस्कृति का महापर्व मकर संक्रांति हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही पवित्र नदियों, सरोवरों और घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने पुण्य स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
रीवा के प्रमुख घाटों और मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने तिल-गुड़ का प्रसाद ग्रहण किया, दान-पुण्य किया और नई फसल के स्वागत का उत्सव मनाया। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में रंगा नजर आया।

मकर संक्रांति के अवसर पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन भी मुस्तैद रहा। घाटों और मंदिर परिसरों में पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।

कुल मिलाकर, रीवा ही नहीं बल्कि पूरे देश में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा, उल्लास और परंपराओं के साथ मनाया गया, जिसने सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को एक बार फिर मजबूती दी।






