इंदौर नगर निगम के पूर्व इंजीनियर और बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले में शिकायतकर्ता हरभजन सिंह का शुक्रवार को निधन हो गया। उनका शव रीवा स्थित पैतृक घर के कमरे में मिला। रीवा पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी मौत संभवतः दिल का दौरा पड़ने से हुई है, जानकारी मिलने के बाद पड़ोसियों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। उनकी पत्नी और बच्चे दूसरे शहर में रहते हैं उन्हें जानकारी दे दी गई है, फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता लग पाएगा। आपको बता दें की हरभजन सिंह की शिकायत पर प्रदेश के चर्चित हनीट्रैप कांड का खुलासा इंदौर पुलिस ने किया था, और चार महिलाएं इस मामले में गिरफ्तार हुई थीं। हरभजन ने शिकायत में कहा था कि महिलाएं उन्हे वीडियो रिकार्डिंग के नाम पर ब्लैक मेल कर रही हैं, बाद में पुलिस ने भोपाल और इंदौर से चार महिलाओं को गिरफ्तार किया था। बाद में एक आरोपी महिला ने हरभजन सिंह के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत की थी। इसके बाद हरभजन पर भी पुलिस ने केस दर्ज कर दिया था। इसके बाद हरभजन को निलंबित कर दिया गया था और उनका मुख्यालय रीवा कर दिया गया था। निलंबन के कुछ दिनों तक हरभजन सिंह इंदौर में ग्रेटर कैलाश मार्ग पर रहे। फिर वे रीवा स्थित अपने पैतृक निवास पर रहने चले गए थे।






