रीवा। जिसे पुलिस ने बताया था साधारण मारपीट की घटना, वह निकला इंदिरा नगर का गोलीकांड, पुलिस ने मौके से बरामद किए 32 बोर के तीन खोखे, स्थानीय रहवासियों ने गोली चलने की करी पुष्टि, लोगों ने कहा बगीचे में आए दिन होती है वारदात
रविवार की शाम समान थाना क्षेत्र अंतर्गत इंदिरा नगर के बगीचे में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में नया अपडेट निकलकर सामने आया है। पुलिस जिस मामले को मारपीट की साधारण घटना बता रही थी और परिजन लगातार गोलीकांड का दावा कर रहे थे।
दरअसल वह पूरा मामला गोलीकांड से ही जुड़ा हुआ निकला, पूरे मामले में पुलिस जब गिरफ्तार किए गए आरोपी किशन रजक निवासी प्रधानमंत्री आवास सुंदर नगर को लेकर सोमवार की दोपहर इंदिरा नगर के बगीचे में पहुंची तो आरोपी की मौजूदगी में पुलिस ने बगीचे से 32 बोर के तीन खाली खोखे, सहित भगदड़ के दौरान छूटे युवकों के जूते चप्पल और घटना में प्रयुक्त डंडे को बरामद किया है।
बताया गया है कि रविवार की देर शाम इंदिरा नगर स्थित बगीचे में दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हुआ था। इस पूरी घटना में दो युवक घायल हुए थे, जिसमें से ऋतिक सेन को उपचार के लिए संजय गांधी अस्पताल लाया गया था। वहीं घटना में घायल दूसरे युवक आर्यन सिंह बघेल को शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। जिसकी जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने पूरे मामले को मारपीट की घटना बताते हुए यह दावा किया था कि मौका ए वारदात में गोली चालन जैसी कोई घटना नहीं हुई वहीं घायलों को लेकर पुलिस द्वारा मेडिकल ओपिनियन लिए जाने की बात कही गई थी।
वहीं आरोपी को लेकर घटनास्थल पहुंचे सामान थाने के पुलिसकर्मियों ने मौका ए वारदात से फायर के बाद पिस्टल से बाहर गिरे 32 बोर के तीन खोखे बरामद कर पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाये हैं।
इतना ही नहीं मौका मुआयना के दौरान बगीचे से गुजर रही एक नाबालिक बच्ची ने भी पुलिस को रविवार की शाम गोली जैसी आवाज सुनने की जानकारी दी है बताया जा रहा है कि इंदिरा नगर के बगीचा में पूरे शहर के असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगता है। जो हर 6-8 महीने में ऐसी ही गंभीर वारदात को अंजाम देते हैं। पूरे इलाके में असामाजिक तत्वों की दहशत इतनी है कि कोई भी स्थानीय रहवासी इनके विरुद्ध बोलने की हिम्मत नहीं करता , जबकि बगीचे के ठीक सामने दो दो पूर्व सांसदों के घर बने हुए हैं।






