रीवा। लोकयुक्त पुलिस और एसडीएम, पटवारी के खिलाफ हुई कार्यवाही के बाद, आमने सामने

रीवा में पटवारी के खिलाफ हुई कारवाही को लेकर लोकायुक्त और एसडीएम आमने-सामने आ गए। मामला रीवा जिले के त्योंथर का है जहां एसडीएम और लोकायुक्त पुलिस के बीच जंग छिड़ गई। जहां त्योंथर में पदस्थ एसडीएम ने ग्रामीणों के ज्ञापन के बाद लोकायुक्त की कार्यवाही पर सवाल खड़े किए और रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए पटवारी के पक्ष में बोलते हुए कहा कि अगर कोई मेरे जेब में पैसे डालकर मुझे फंसा दे तो भला मैं क्या करूंगा। यही नही इसके बाद उन्होंने एक-एक करके कई तर्क रखे।

दरअसल ऐसा पहली बार देखने को मिला है जब किसी एसडीएम रैंक के अधिकारी ने लोकायुक्त के काम पर सवाल उठाए हैं। अब लोकायुक्त के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस पर अपनी चुप्पी तोड़ी है बता दें कि 11 मार्च को रीवा लोकायुक्त पुलिस ने गढ़ बाजार स्थित एक एमपी ऑनलाइन दुकान से पटवारी को 2000 रुपए कि रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोपी पटवारी कमलेश सिंह पटेल ग्राम जेकरा पटवारी हल्का धूमा में पदस्थ था। और जमीन की इतलाबी दर्ज करने व स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था इस पूरे मामले में एसडीएम की एंट्री तब हुई। जब घूमा के रहने वाले कुछ पटवारी के समर्थक पटवारी के पक्ष में एसडीएम को ज्ञापन देने पहुंचे, जहां पटवारी के समर्थकों ने पटवारी को निर्दोष बताया इतना सुनते ही एसडीएम ने पूरे मामले में धाराप्रवाह तरीके से अपने विचार प्रकट कर दिए और लोकायुक्त की कारवाई पर सवाल उठा दिए। वहीं लोकायुक्त आरक्षक एस राम मरावी ने बताया कि हम कभी भी बिना प्रमाण कोई कारवाई नही करते।

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