रीवा जिले के बोदाबाग स्थित अनुसूचित जाति जनजाति छात्रावास के लगभग 40 छात्र देर रात बोदाबाग से कलेक्ट्रेट कार्यालय पैदल पहुंच गए। छात्रों पर सिविल लाइन थाना प्रभारी की नजर पड़ी तो थाना प्रभारी ने सभी छात्रों को रास्ते में पैदल चलता देख तत्काल उन सभी को थाने बुलाया और उनसे बातचीत की इसके बाद उनके संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई।
छात्रों का आरोप
छात्रों का आरोप था कि हॉस्टल के अंदर की व्यवस्थाएं ठीक नहीं है खाने में कीड़े मिलते हैं कोई भी व्यवस्था दुरुस्त नहीं है इसी बात को लेकर हम कलेक्ट्रेट कार्यालय रात में ही आए थे। लेकिन कार्यालय बंद होने कारण सिविल लाइन थाना सर ने बुला लिया।
प्रबंधन को खबर नही
सबसे बड़ी बात देर रात लगभग 11:00 बजे 40 की संख्या में छात्र हॉस्टल से बाहर निकल आए और प्रबंधन को कानों कान खबर तक नहीं लगी। पूरी जानकारी जब संबंधित अधिकारियों को दी गई। तो अधिकारी दौड़ते हुए थाने पहुंचा और इस व्यवस्था को सुधारने की बात कही।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
जानकारी मिलते ही हजूर तहसीलदार संयुक्त कलेक्टर सिविल लाइन थाने पहुंचे और छात्रों की परेशानी जानकर मौके पर निराकरण किया साथ ही हॉस्टल की अधीक्षक को बुलाकर फटकार लगाई और कहा कि इस तरह की गलतियां दोबारा नहीं होनी चाहिए।






