रीवा में अतिक्रमणकारियों से जमीन को मुक्त कराने के लिए, कलेक्टर से लेकर पीएमओ तक शिकायत दर्ज कराने वाली एक महिला ने आखिरकार सिस्टम से हारकर अग्नि स्नान कर लिया, महिला को अधजलि अवस्था में उसके दोनों बेटे उसे लेकर संजय गांधी अस्पताल गए। जहां उसकी मौत हो गई।
मामले के संबंध में जानकारी देते हुए, मृतका उर्मिला त्रिपाठी के बेटे प्रद्युम्न त्रिपाठी ने बताया कि जोन्ही गांव स्थित उसकी जमीन में कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया था। इसके बाद वर्ष 2011 में न्यायालय ने जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए बेदखली आदेश जारी किया, लेकिन वर्ष 2025 तक राजस्व अमला अतिक्रमण कार्यों से जमीन को मुक्त नहीं करा पाया।
कलेक्टर से लेकर पीएमओ तक लगाई गुहार
इस दौरान पीड़ित परिवार ने कलेक्टर से लेकर पीएमओ तक अपनी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उसे आश्वासन के सिवा कुछ ना मिला, आखिरकार सिस्टम से थक हार कर पीड़िता ने मौत को गले लगा लिया। वहीं इस पूरे मामले को लेकर तहसीलदार हुजूर शिव शंकर शुक्ला का कहना है कि पीड़ित परिवार द्वारा सिर्फ जनसुनवाई में एक आवेदन दिया गया है। जिसकी जांच की गई है मौके पर ऐसा कुछ भी नहीं पाया गया है। और अभी तक पीड़ित परिवार ने किसी भी न्यायालय का बेदखली आदेश प्रशासन के सामने नहीं रखा है। ऐसे में पीड़ित परिवार द्वारा राजस्व अमले पर सवाल उठाना अनुचित है






